जगदेव राम उरॉव जी ने वनवासियों के बीच समानता के अधिकार को स्थापित किया : उपमुख्यमंत्री

0
SHARE

पटना (विसंके)। जगदेव राम उरॉव ने वनवासियों के बीच समानता के अधिकार को स्थापित किया है। उन्होंने जीवन भर आदिवासी और वनवासी समाज के बीच कार्य किया और शिक्षण तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को चालू प्रारंभ किया। वनवासी-जनजाति समाज को मुख्यधारा में लाने का भी काम किया। उक्त बातें राजधानी के बीआईए सभागार में जगदेव राम उरॉव की प्रथम पूण्यतिथि के मौके पर आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कही। उन्होंने कहा कि जिस दीप को जगदेव राम ने जलाया है वह निरंतर चलता रहेगा।

E6mGSZKVEAE236nकार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतेन्द्र सिंह ने कहा कि जगदेव जी के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण घटनाएं घटी। उसके कारण देश को उनके नेतृत्व का कृतित्व का परिचय हुआ। जशपुर के पास के कोमडो गांव और वहां के एक किसान परिवार के बेटे ने मानो जनजाति नायक के रूप में अपनी भूमिका प्रस्तुत की। इस भौतिक जगत से विदा लेकर उन्हें एक वर्ष होने को आया है। उनके कार्यकाल में अनेक कार्यक्रम हुए और जिससे उनके व्यक्तित्व का सभी को परिचय हुआ जैसे शबरी कुंभ, उज्जैन का अर्ध कुंभ, अखिल भारतीय महिला सम्मेलन रांची, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता, भारत की जनजाति हेतु एक नीति दृष्टि पत्र (A Vision Document for janjatis of India), रोहतासगढ़ की यात्रा, कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन सेवा इत्यादि।
इस कार्यक्रम में उपस्थित नगरीय प्रकल्प प्रमुख प्रदीप कुमार, प्रदेश सचिव अरविंद खंडेलवाल, पटना महानगर के संरक्षक नंदकुमार तिरियार, पटना महानगर के अध्यक्ष रविंद्र प्रियदर्शी, प्रचार प्रमुख आशुतोष कुमार एवं समाजसेवी मुकेश नंदन व महिला प्रमुख प्रियंवदा कुमारी केसरी, अरुण कुमार, डॉ. शिव चंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह कुशवाहा व दीनानाथ आदि ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री के.पी.एस. केसरी जी (पूर्व बी.आई.ए अध्यक्ष) ने की।

LEAVE A REPLY