सारण की साहसी सुनीता – वर्टिकल खेती कर कमाये लाखों रूपये

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– संजीव कुमार

सारण की सुनीता वर्टिकल खेती कर लाखों रूपये कमा रही हैं। सुनीता की कहानी प्रेरित करती है ऐसे लोगों को जो हमेशा अभाव का रोना रोते हैं। सुनीता सारण जिले के मांझी प्रखंड अन्तर्गत बरेजा गांव की रहने वाली है। दसवीं पास सुनीता हमेशा कुछ करना चाहती थी। लेकिन, परिस्थितियों के कारण वह बहुत कुछ नहीं कर सकी। जीवन की आपाधापी में शादी भी हो गई। पति सतेन्द्र प्रसाद की बहुत आमदनी नहीं थी। सुनीता को बचपन से ही सब्जी उपजाने का शौक था। घर का कोई बर्तन टूट जाता तो उसमें मिट्टी डालकर कुछ-न-कुछ लगा देती। एक बार एक कबाड़ी वाले के पास उन्हें पाईप दिखा। उन्होंने अनायास ही पाईप खरीद लिया। पाईप छत पर पड़ा रहा तो उसमें मिट्टी जम गई। बारिश के बाद पाईप में घास उग गई। घास को देखकर ही सुनीता को लगा कि जब घास उग सकता है तो इसमें पौधे भी उग सकते हैं।
सुनीता ने अपने पति से कुछ और पाईप मंगवाये। फिर उन पाईपों में छेद करके मिट्टी डाला और पौधे लगाये। आइडिया हिट कर गया और सुनीता घर में ही गोभी, बैंगन जैसी सब्जियां उगाने लगी। यह सफलता की कहानी जब कृषि विज्ञान केन्द्र छपरा तक पहुंची तो वहां के अधिकारियों ने सुनीता को प्रदर्शनी लगाने की सलाह दी। इसके बाद सुनीता की कामयाबी का शिलशिला चलने लगा। आज सुनीता न सिर्फ आत्मनिर्भर है बल्कि आस-पास के लोगों के लिए प्रेरणा की स्रोत भी हैं। सुनीता अब मशरूम की खेती भी करती हैं। उन्होंने अपनी खेती में आस-पास की महिलाओं को भी जोड़ा है। आज सुनीता प्रतिवर्ष 2 लाख रूपये से अधिक की आमदनी कर रही है।
सुनीता के प्रयासों को प्रोत्साहन भी मिल रहा है। उनकी प्रदर्शनी को किसान अभिनव सम्मान से सम्मानित किया गया। डीडी किसान के एक विशेष शो – महिला किसान अवार्ड शो में भी उनके काम को शामिल किया गया है।

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