चार दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन संपन्न

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भागलपुर (विसंके)। पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरेगा कोठी,भागलपुर के प्रांगण में चार दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन संपन्न हुआ। समापन सत्र का प्रारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामदत्त चक्रधर, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद महंतो, विद्या भारती के राष्ट्रीय सह मंत्री कमल किशोर सिन्हा, भारतीय शिक्षा समिति उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय सह सचिव गोपेश कुमार घोष, भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत कुमार पांडे द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

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हमें ऐसे बालक का निर्माण करना है जो देश को आगे बढ़ाएं.


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक रामदत्त चक्रधर ने कहा कि आज जब विचार करते हैं तो देखते हैं समाज में अनेक प्रकार की समस्या है। देश अपने पूर्वजों को स्मरण कर आगे बढ़ सकता है। आज सबसे बड़ी चुनौती वैचारिक संक्रमण की है। प्रत्येक प्रधानाचार्य की एक कार्य योजना बननी चाहिए तथा उन्हें अच्छे-अच्छे स्वप्न देखने चाहिए और लागू करना चाहिए तभी बालक का विकास होगा और समाज देश आगे बढ़ेगा। हमें श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बिंदु बनना होगा चाहे बालक के बीच या समाज के बीच। हमें ऐसे बालक का निर्माण करना है जो देश को आगे बढ़ाएं देश को बेचे नहीं। श्रद्धावान ही ज्ञान प्राप्त कर सकता है और ज्ञान प्राप्त हो गया तो अपना लक्ष्य अपना सपना पूरा हो जाएगा ।श्रद्धा और विश्वास से जीवन की दशा और दिशा बदल जाती है। राष्ट्रभक्ति की ज्वार को बढ़ाना देश की आवश्यकता है।

svm 01गोविंद महंतों ने कहा कि हम समाज के सहयोग से कार्य करते हैं। जिस शिक्षा से समाज का कल्याण न हो वह शिक्षा बेकार है। हमारा विद्यालय एक आदर्श विद्यालय बने सामाजिक चेतना का केंद्र बने इस पर सवों को ध्यान देना है। विद्या भारती भारतीय जीवन दर्शन पर मूल्य आधारित शिक्षा दे रही है।
कमल किशोर सिन्हा ने कहा कि आप सभी प्रधानाचार्य लीडर हैं। प्रधानाचार्य पद से नहीं आचरण से होता है। आप जब यहां से जाइए तो आचार्य, कर्मचारी, समाज, समिति ,एवं भैया बहनों के साथ सामंजस्य बनाकर आगे बढ़ना है तभी आप सफल प्रधानाचार्य बन सकते हैं।
भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव प्रकाश चंद जायसवाल द्वारा वृत कथन प्रस्तुत करते हुए शैक्षिक उन्नयन पर विस्तार पूर्वक बताया गया। अपने बजट में निर्धन छात्र कोष बनाकर समाज के निर्धन गरीब छात्रों को शिक्षित करना है। उन्होंने कहा दक्षिण बिहार के 17 जिलों से 12,083 विद्यालय से आए हुए 186 प्रधानाचार्य ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
मंच संचालन एवं अतिथि परिचय राजगीर विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर गोपेष कुमार घोष,प्रदीप कुमार कुशवाहा, डॉ मधुसूदन झा, डॉ धीरेन्द्र झा,ब्रह्मदेव प्रसाद, राजेश रंजन, उमा शंकर पोद्दार, वीरेन्द्र कुमार, विनोद कुमार, डॉ अजीत कुमार पाण्डेय, रामजी प्रसाद सिन्हा, अशोक मिश्र, अनंत कुमार सिन्हा, जितेन्द्र प्रसाद, राजकुमार ठाकुर, गौरी शंकर मिश्र, मिथिलेश कुमार, धनंजय कुमार, रामजी पोद्दार, राजीव शुक्ला, शशि भूषण मिश्र एवं सभी प्रतिभागी प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

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