हमारी संस्कृति परम्पराएँ वैज्ञानिक है : ख्याली राम

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भागलपुर (विसंके)। पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरगाकोठी के प्रांगण में प्रधानाचार्य सम्मेलन अनौपचारिक रूप से  प्रारंभ हुई। प्रथम दिवस में विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली राम की अध्यक्षता में व्यवस्था बैठक हुई।

ख्याली राम ने कहा कि जिस प्रकार देश और दुनिया में परिवर्तन हो रहे हैं उसी प्रकार हमें भी बदलना चाहिए। हमें कुछ नए-नए प्रयोग करने होंगे। समाज में लोग यह मान रहे हैं कि हमारी संस्कृति परम्पराएँ वैज्ञानिक है।हमें अपनी कार्यशैली को विकसित करनी चाहिए और कार्य का बंटवारा करना चाहिए। प्रधानाचार्यों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि हमारी मनः स्थिति ठीक रहे तो हम कुछ भी कर सकते हैं वास्तव में हमें अपनी क्षमता को पहचानना होगा। प्रधानाचार्य सम्मेलन में पूर्णकालिकों को दिए गए दायित्व के पूर्णता की समीक्षा की गई।

आज के व्यवस्था बैठक में सेवा निवृत्त हुए भागलपुर विभाग के विभाग प्रमुख बजरंगी प्रसाद का विदाई सम्मान प्रांतीय व्यवस्था अनुसार  किया गया।

भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानाचार्य सम्मेलन हेतु सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। कार्यक्रम का उद्घाटन आज। कार्यक्रम में प्रतिभागी के रूप में दक्षिण बिहार के अन्तर्गत चलने वाले सभी शिशु/विद्या मंदिर के लगभग 200 प्रतिभागी प्रधानाचार्य/उप प्रधानाचार्य पहुँच गए हैं।

मंच संचालन भागलपुर विभाग के प्रवासी कार्यकर्ता विनोद कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रकाश चन्द्र जायसवाल, प्रदीप कुमार कुशवाहा, उमा शंकर पोद्दार, ब्रह्मदेव प्रसाद, राजेश रंजन, डॉ धीरेन्द्र झा, डॉ अजीत कुमार पांडे,  राम जी प्रसाद सिन्हा,  विनोद कुमार, परमेश्वर कुमार, सतीश कुमार सिंह, वीरेन्द्र कुमार, गंगा चौधरी,मुकुल कुमार,  जितेन्द्र कुमार,  राजकुमार ठाकुर, राजीव शुक्ला, शशि भूषण मिश्र, धनंजय कुमार, रामजी पोद्दार, मिथिलेश कुमार एवं सभी प्रतिभागी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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