जिस देश में अच्छी शिक्षा हो वो देश निश्चित आगे बढेगा : रामेन्द्र राय

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पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरगाकोठी के प्रांगण में चल रहे प्राध्यापक दक्षता वर्ग के दूसरे दिन का प्रारंभ विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रामेन्द्र राय, गया विश्वविद्यालय के छात्र संकायाध्यक्ष शनद कुमार शर्मा, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री प्रकाश चन्द्र एवं सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के शिक्षा संकाय के डीन प्रो सुभाष चन्द्र त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया । रामेन्द्र राय ने कहा कि आप शिक्षकों के शिक्षक हैं। आप उनका निर्माण करने वाले हैं जो देश का निर्माण करने वाले हैं। कोई भी देश विकसित हुआ तो निश्चित रूप से सामाजिक परिवर्तन आया है इसके मूल में शिक्षा ही है। जहाँ कि शिक्षा अच्छी है, नवाचार से युक्त है, शोध परक है, मूल्य परक है निश्चित रूप से वह देश आगे बढेगा। अध्यापकों को अतिरिक्त अध्ययन और कौशल विकास की जरूरत है ताकि वह बदलाव के नए दौर का नेतृत्व प्रभावशाली ढ़ंग से कर सकें।

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शनद कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक को मूल प्रवृत्ति में आना होगा। समाजीकरण निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है ।शिक्षक की भूमिका सकारात्मक होती है। शिक्षक की दृष्टि में दोष नहीं होना चाहिए। मिलिट्री शासन शिक्षण में प्रयोग नहीं करना चाहिए। शिक्षक को हमेशा अपने व्यक्तित्व को निखारना चाहिए। प्रकाश चन्द्र ने कहा कि उन नीतियों, प्रतिक्रियाओं आदि के समूह को अध्यापक शिक्षण कहते हैं जो अध्यापकों के ज्ञान, अभिवृत्ति, व्यवहार और पढ़ाने के कौशल की वृद्धि के लिए बनायी गयी होती है। शिक्षकों में रूचि, उद्देश्य, अभ्यास और उम्मीद हमेशा दिखाई देना चाहिए।

मंच संचालन एवं अतिथि परिचय डॉ दीप्तांशु भास्कर द्वारा किया गया। इस अवसर पर ख्याली रामजी, दिलीप कुमार झा, प्रकाश चन्द्र जायसवाल, अजीत कुमार पाण्डेय, राजकुमार ठाकुर, गौरी शंकर मिश्र, अवनीश सिंह, शशि भूषण मिश्र, रामजी पोद्दार, धनञ्जय कुमार, मिथलेश कुमार, सरिता कुमारी, अमृता कुमारी, अनुपमा दुबे एवं सभी प्राध्यापक उपस्थित थे ।

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