अभाविप का वर्षों का संघर्ष हुआ सफल, दीक्षांत समारोह में दिखेगा मिथिला की संस्कृति

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ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय छात्र संघ महासचिव उत्सव पराशर के नेतृत्व में लंबे समय से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं विश्वविद्यालय छात्र संघ के मांग पर दीक्षांत समारोह में मालवीय पगड़ी के स्थान पर मिथिला के संस्कृति के अनुरूप पाग चादर की स्वीकृति निवर्तमान कुलाधिपति एवं वर्तमान कुलाधिपति से मिलने के बाद विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रति कुलपति ,कुलसचिव एवं अन्य  पदाधिकारियों को  पाग एवं माला पहनाकर धन्यवाद दिया।

महासचिव उत्सव पाराशर ने कहा कि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में परिधान के रूप में राजभवन द्वारा मालवीय पगड़ी की अनुमति दी जा रही थी, लेकिन ज्ञान के नगरी मिथिलांचल में अवस्थित मिथिला विश्वविद्यालय क्षेत्र में सम्मान के परिधान के रूप में मिथिलांचल की पाग एवं चादर  सर्वविदित है।

महासचिव ने कहा कि लंबे समय से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दीक्षांत समारोह में मालवीय पगड़ी के स्थान पर मिथिलांचल की पाग चादर की मांग कर रही थी, तथा पिछले 2 वर्ष से हो रहे छात्र संघ चुनाव में निर्वाचित छात्र संघ भी इस संबंध में कई बार कुलपति एवं कुलाधिपति से दीक्षांत परिधान के रूप में पाग चादर शामिल करने की मांग की थी।

लंबे समय से पाग चादर की मांग पूरी होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं छात्र संघ द्वारा विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ मिलकर उन्हें परिधान में पाग चादर  शामिल करने पर धन्यवाद दिया एवं पाग एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।

मौके पर सीएम लॉक कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष बृजमोहन सिंह, मनीष ठाकुर, दीपक कश्यप ,संदीप शांडिल्य अनुपम आनंद, दुर्गेश कुमार, अविनाश मिश्रा ,अनुराग हर्ष आदि कार्यकर्ता गण उपस्थित थे।

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