सवाल उठाने से अच्छा है, वोट स्याही लगी ऊँगली उठाये

0
SHARE

सियासत के महासंग्राम का युद्धघोष होते ही सभी राजनीतिक दल इस मौके पर दम लगाकर प्रचार में लगे हैं। बेशक लगना भी चाहिए। लोकतंत्र की इस बेशकीमती परंपरा को सहेज कर रखने के लिए पुरजोर प्रयासरत रहने की सख्त आवश्यकता भी है। लेकिन यहां समझने की बहुत ज्यादा जरूरत है कि हम भारतीय संस्कृति के मूल्यों को ताक पर रखकर यह सब हासिल करने का खेल न खेलें। यह बात अलग है कि ऐसा शर्मनाक प्रदर्शन चरम पर है। भारत के नेतागण का एक ऐसा समूह सामने आया है। जिसमें अमर्यादित बयानबाजी की मानव होड़ लगी है। यह देख कर लगता है जैसे इनके मानसिक शक्ति एवं स्थिति खुद में एक शोध का विषय बन गया है। सब कुछ ताक पर रखकर अपने आप को स्थापित करने के लिए इस तरह का वातावरण तैयार करना पड़े तथाकथित व्यक्तित्व एकदम आगे रहता है। इसके कई पहलू है जिसमें से एक और सबसे महत्वपूर्ण जिस पर विचार करने की सख्त आवश्यकता है, वो है लोकतंत्र के सूत्रधार या यूं कहें इसका आधार अर्थात भारत का हर वह नागरिक जो इस प्रणाली का हिस्सा है आखिर क्यों इस भयानक स्थिति को पनपने में एक अनचाहा भागीदार बना है। एक बुद्धिजीवी नागरिक को इस तरह के जलसों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। तो शायद बहुत जल्द बयान बाजों को यह जल्दी समझ आ जाएगा की जीभ पर नियंत्रण रखना कितना जरूरी है, यह जनमानस का पर्व है, जिसको हमें मिलकर श्रद्धा एवं कर्तव्य परायणता तरीके से निभाने की आवश्यकता है। यह ज्ञात हो कि देश की दिशा और दशा दोनों तय करने वाला कोई दूसरा नहीं हो सकता वो वही है जो तर्जनी पर स्याही का निशान दिखाता है। इस लोकतंत्र के महापर्व में हम सब अपना शत-प्रतिशत मतदान करें और एक सशक्त नेतृत्व, सुरक्षित राष्ट्र और कुशल प्रशासन हेतु अपना मत का प्रयोग करें।

DHIRAJ JEE011

हमारा एक वोट लोकतंत्र को सफल बनाने में बड़ी भूमिका अदा करता है। सरकार पर सवाल उठाने या कोसने से अच्छा है हम अपने मत का उपयोग कर भारत को अच्छी सत्ता के हाथों में सौपें। मत का उपयोग नहीं करना लोकतंत्र में आस्था ना रखने के समान है। हम सब एक जिम्मेवार नागरिक हैं जिम्मेवार नागरिक होने के साथ हमारी जिम्मेदारी बनती है कि इस चुनाव में हम सह -परिवार, आसपास गांव, मुहल्ला, शहर के सभी मतदाताओं को जागरूक करके उन्हें मतदान केंद्र तक जाने का आह्वान करें तथा मतदान कर इस महापर्व में आहुति डालने के लिए प्रेरित करें।

धीरज कुमार गुप्ता (विभाग संगठन मंत्री)
अभाविप, पटना

LEAVE A REPLY