भारतीय किसान संघ की रीति नेता आधारित न होकर कार्यकर्ता आधारित

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राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से ओत-प्रोत  भारतीय किसान संघ किसानो के कल्याण के लिए हमेशा
रचनात्मक और आन्दोलन के माध्यम से संघर्ष करता रहेगा. उक्त बातें भारतीय किसान संघ
के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भैया राम मौर्य ने उत्तर बिहार के तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग
में कही. अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि संघ की रीति नेता आधारित न होकर
कार्यकर्ता आधारित है। आज जो कार्यकर्ता पीछे की पंक्ति मे बैठा है; वह कल आगे आ
जायेगा, इसी प्रकार जो आगे है; उन्हें भी पीछे जाने के लिए तैयार रहना चाहिए.

यह अभ्यास वर्ग बीते कल शाम मुज़फरपुर में शुरू
हुई.  आज दिनाक 29 मार्च दिन शुक्रवार को
चार सत्रों में अभ्यास वर्ग को विभाजित किया गया. पहला सत्र में भारतीय किसान संघ
और अन्य किसान संघ में अंतर को स्पष्ट करते हुए मुख्य वक्ता के तौर पर भारतीय
किसान संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष युगल किशोर मिश्र ने भारतीय किसान संघ की
उपलब्धियों से अवगत करवाया.

दूसरे सत्र का मुख्य बिंदु जैविक कृषि से
सम्बन्धित था. इस सत्र के मुख्य वक्ता उत्तर बिहार  के संगठन मंत्री रामेश्वर सिंह थे. हाल में
पश्चिम बंगाल में सम्पन्न हुए जैविक खेती पर जिन मुद्दों पर चर्चाएँ हुई थी. उन्ही
मुद्दों को दूसरे सत्र में रखा गया.

तीसरे सत्र में, भारतीय किसान
संघ के संगठन विस्तार के बारे में चर्चा की गयी. इसके मुख्य वक्ता प्रांत मंत्री गोपाल
प्रसाद साही थे. अंतिम सत्र में किसानों को जैविक उद्यान
के परिभ्रमण पर ले जाया गया. इस अभ्यास वर्ग में क्षेत्र अध्यक्ष श्री चन्द्रमा चौधरी, संगठन
मंत्री श्रीप्रकाश नारायण तिवारी इत्यादि उपस्थित थे.

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