शिक्षा के माध्यम से समरस समाज की स्थापना करना है- दीलिप कुमार झा

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आरा, 21 फरवरी. अक्षर व अंक ज्ञान देना
शिक्षा नहीं है, बल्कि मानवीय मूल्यों व गुणों से युक्त शिक्षा देना ही वास्तविक
शिक्षा है. अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय शिक्षा की चुनौतियों को ध्यान में रखकर उनका
समाधान करना चाहिए उक्त बातें विद्या भारती के क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा
बहियारा स्थित सरस्वती शिशु में चार दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन के
दुसरे दिन कही.

उन्होंने विद्या भारती के शैक्षणिक
उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. कहा कि राष्ट्र के विकास हेतु बालकों का
सर्वागीण विकास व तेजस्वी बालकों का निर्माण करना, सामाजिक असमानता को दूर कर समरस
समाज का निर्माण करना हमारा लक्ष्य है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय सह
संगठन मंत्री शशि कांत फड़के ने किया. मंच संचालन विभाग निरीक्षक राकेश अम्बष्ठ ने
किया. वही प्रधानाचार्य मिथिलेश राय ने भोजपुर जिले के एतिहासिक व धार्मिक विरासत
को विस्तार से बताया.

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