21वीं सदी में विकलांगता मुक्त होगा बिहार

0
SHARE

पटना, 8 दिसंबर। बिहार की विकलांगता अन्य राज्यों की अपेक्षा वर्तमान में अधिक है संजय आनंद फाउंडेशन ने संकल्प लिया है की 21वीं सदी का बिहार विकलांगता मुक्त बिहार होगा उक्त बाते भारत विकास परिसद् के तत्वाधान में पटना के विश्व संवाद केंद्र में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय आनंद फाउंडेशन के चेयरमैन श्री सुनील आनंद ने कहा उन्होंने कहा कि पुनर्वास केंद्र  विगत 18 वर्षों से विकलांगता मुक्त बिहार बनाने के संकल्प के साथ मानव सेवा कर रहे हैं।

शल्य चिकित्सा, कृत्रिम उपकरण निर्माण और प्रदान कार्यक्रम सभी परोपकार की भावना से निशुल्क रहते हुए भी यहां की शल्य क्रियाशाला तथा तत्संबंधित उपकरण यंत्र आदि विश्वस्तरीय सर्वस्वीकृत हो चुका है। समाज के दायित्व वान लोगों की सहायता से यह  न्यास संचालित हो रहा है।

विगत 17 वर्षों से केंद्रों से 29,000 से अधिक कृत्रिम उपकरण तथा 6658 पोलियो एवं करेक्टिव शल्य चिकित्सा पीड़ित मानव को समर्पित किए गए हैं। अनुमान 1314 करोड़ तक की सेवा प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष दिसंबर 2016  में एक करोड़ की लागत से कृत्रिम उपकरण बनाने का कार्य प्रारंभ की गई है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त चालीस श्य्यावली मरीज  वार्ड का लोकार्पण भी निर्धारित है।

इस वर्ष के आयोजन में देशभर से संघ लोक सेवा आयोग की प्रतियोगिता में उत्तरण अखिल भारतीय सेवा में संलग्न  लगभग 15 दिव्यांग पदाधिकारियों की उपस्थिति प्रेरक रहेगी।

इस अवसर पर एक नागरिक अभिनंदन समारोह 10 दिसंबर 2017 को ज्ञान सभागार में आयोजित ख़ी९ गई है जिसमे श्री सुशील कुमार मोदी- माननीय मुख्यमंत्री बिहार, श्री माननीय केंद्रीय मंत्री श्री नंदकिशोर यादव पथ निर्माण मंत्री, श्री मंगल पांडे माननीय स्वास्थ्य मंत्री, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं माननीय सांसद श्री आर. के. सिन्हा, प्रवासी भारतीय श्री सुनील आनंद एवं बड़ी संख्या में शहर के समाज सेवक की उपस्थिति रहने वाली है।

LEAVE A REPLY